जब बोलो जब मीठा बोलो

*जब बोलो जब मीठा बोलो

कोयल काली, कौआ काला।
बोल दोनों का अलग निराला।
कौआ कांव कांव चिल्लाता।
जग के मन को कभी न भाता।
कोयल कुहूँ कुहूँ जब बोले,
कानों में मिसरी सी घोले।
कड़वे बोल न बोलो भाई,
जग में होती बहुत बुराई।
जब बोलो जब मीठा बोलो।
कानों में मिसरी सी घोलो।
—राजश्री—

         

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