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दोहा
भक्ति दोहे-कृष्ण का नाम

भक्ति दोहे-कृष्ण का नाम

*दोहे* *(1)* सुबह सुबह हम लेत हैं,श्री कृष्ण का नाम । उनके ही आशीष से, अब हर पल आराम ।। ...
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कच्चे धागे

कच्चे धागे

यूँ जब भी मुस्कुराते हो, मेरे अश्कों पर तुम। तो मेरा कागज दिल, न जाने कितने टुकडों में बिखर जाता ...
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लेख - बलात्कारी की जात नहीं होती ।

लेख – बलात्कारी की जात नहीं होती ।

बलात्कारी मतलब बलात्कारी फिर चाहे वो कोई भी जाति धर्म का क्यों ना हो । फांसी होनी ही चाहिए । ...
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दर्द सहज

दर्द सहज

पंक्तिया थोड़ी कठिन हैं ,पर हैं मेरे अल्फ़ाज़ सहज मेरे दिल के कागज़ पर, दर्द के बिखरे अहसास सहज इतनी ...
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#ख्वाइशें

#ख्वाइशें

#ख्वाइशे ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ आज भी उन ख्वाईशो से मैं लिपटकर सोता हूँ भले आज वो लाशें ही सही इन ठिठुरती सर्दियों ...
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कहां हो तुम

कहां हो तुम

ढूंडती रहती हूँ तुम्हे भीड़ मे कहां हो तुम? मैं तन्हा अकेली सदा ही तुम्हारे विचारो में खोई रहती हूँ। ...
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नयन मेरे तू दीपक बन के जलना

नयन मेरे तू दीपक बन के जलना

नयन मेरे तू दीपक बन के जलना, मोम सा घुल रहा ये तन-मन, सपना कोमल पलकों में नूतन, लगे चांदनी ...
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सच की जमी पर ये जीना अजीब है

सच की जमी पर ये जीना अजीब है

सच की जमी पर ये जीना अजीब है “चली मृत्यु जीवन से मिलने"  नसीब है . जीवन में भरी मृत्यु ...
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बेरोजगारी का स्वरुप विकराल होगा

बेरोजगारी का स्वरुप विकराल होगा

हैवानियत की चश्मा जिनके आँखों पर होगा उन्ही लोगो के वजह से मानव शर्मसार होगा भारत में बढती आबादी का ...
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दोहा
मेहनत पर दोहे

मेहनत पर दोहे

*मेहनत* मेहनत कर कमा रहे ,कैसा गर्द गुबार। मजदूरी छीने गये, कभी आकर उबार ।। सर्द गर्म बरसात पे, करते ...
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