रचनाकार -( Top Post)

दोहा
भक्ति दोहे-कृष्ण का नाम

भक्ति दोहे-कृष्ण का नाम

*दोहे* *(1)* सुबह सुबह हम लेत हैं,श्री कृष्ण का नाम । उनके ही आशीष से, अब हर पल आराम ।। ...
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दोहा
मेहनत पर दोहे

मेहनत पर दोहे

*मेहनत* मेहनत कर कमा रहे ,कैसा गर्द गुबार। मजदूरी छीने गये, कभी आकर उबार ।। सर्द गर्म बरसात पे, करते ...
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ऑनलाइन धोखा

ऑनलाइन धोखा

पब में चकाचक रौशनी फैली हुई थी ! सभी लोग नशे में झूम रहे थे ! हॉल में मध्यम सा ...
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कहां हो तुम

कहां हो तुम

ढूंडती रहती हूँ तुम्हे भीड़ मे कहां हो तुम? मैं तन्हा अकेली सदा ही तुम्हारे विचारो में खोई रहती हूँ। ...
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ग़ज़ल (दर्द)
ग़ज़ल-प्यार का दर्द

ग़ज़ल-प्यार का दर्द

ग़ज़ल आह...तिरा प्यार तो सितमगर है बहुत। आह...तिरा प्यार तो सितमगर है बहुत। शायद इस सरकार का असर है बहुत। ...
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ग़ज़ल (दर्द)
"कुछ क़सक़ ऐसा भी"...

“कुछ क़सक़ ऐसा भी”…

°°° बेरंग ज़िंदगी को रंगने का , कुछ क़सक़ ऐसा भी । रिश्तों के दरम्यां गुज़रने का , कुछ क़सक़ ...
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गोदभराई

गोदभराई

..........✍️ #गोदभराई मेरी कविता तुम्हारे कवि मन की ब्याहता हुई !! व्याकरण का भाव सौंदर्य उच्चारण के मंत्र शब्द शैली ...
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ग़ज़ल (दर्द)
बेवफा मोहब्बत

बेवफा मोहब्बत

ग़ज़ल रुठकर हमसे यूँ, सताने की सोच रहे हो। दूर होकर भी, तड़फाने की सोच रहे हो। वैसे भी कुछ ...
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ग़ज़ल (दर्द)
नगमा ए दिल

नगमा ए दिल

ग़ज़ल .नगमा ए दिल मेरी बर्बादी का जश्न मना के लौट रहे हो। अच्छा है कुछ प्यार जता के लौट ...
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रिश्तों की अहमियत का जमाना कहाँ रहा!

रिश्तों की अहमियत का जमाना कहाँ रहा!

गजल छलकने वाले जाम का मयख़ाना कहां रहा! आजकल दिलजलों का ये ठिकाना कहां रहा! वो बैच गए पैसों पर ...
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