अच्छा लगता है – काग़ज़ दिल

इस दिल का तुमको
अपना कहना अच्छा लगता है
तुम बन जायो शब्द मेरे
मुझे कागज दिल ये अच्छा लगता है |
मैं तुम्हें पयाम भेजू
तुम जवाब दो 
अच्छा लगता है।।
कोई रिश्ता नहीं
तुमसे फिर भी तुम
बात करो ये
अच्छा लगता है।।
तेरे सवालों का 
जवाब दूँ
मन को तेरे आराम दूँ
अच्छा लगता है।।
व्यस्त तुम भी हो
व्यस्त हम भी है
फिर भी मिलने 
का वादा करना
अच्छा लगता है।।
कोई कमी नहीं
तेरे एक न होने से
फिर भी तेरा
शामिल होना
अच्छा लगता है।।
न जाने क्या क्या 
नाम दुनिया ने दे डाले है
तुम कौन हो, 
क्यों हो
क्या हो
इन सब सवालों के 
जवाब खत्म कर डाले है
इतना ही तो कहना था
अच्छा लगता है।।
©प्रिया दीवानी
         

Share: