इबारत लिख दो…काग़ज़ दिल

मीठी एक शरारत लिख दो l
इश्क़ है एक हरारत लिख दो l
कोरा-कोरा कागज़ दिल का,
इस पर चंद इबारत लिख दो l

– सुनील गुप्त ‘विचित्र’

         

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