कागज दिल बना मधुशाला

सुनो
काग़जदिल
मंच है लेखकों का
हो रहा जहाँ मिलन
पाठको वा रचनाओं
का अद्धभुत संगम
बना है देखो कैसे
हो रही यहाँ वर्षा
प्रेम और साहित्य की
बह रही अमृतधारा
#काग़जदिल को
करू नमन मैं
बन के एक छोटा तारा
चमक उठेगी धरती सारी
पी के ये काव्य प्याला
मिटा आज हाला।।
काग़जदिल में
मिलन है कवि और
कविताओं का।
बना मंच एक मधुशाला।।

✍संध्या चतुर्वेदी
मथुरा उप

         

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