:- कागज दिल :-

 

:- कागज़ दिल :-

कोरे कागज दिल पर लिख दिया तेरा नाम ,
तेरे नाम ही है मेरे मुहब्बत का हर पैगाम l
पता है मूझे हर बेरुखी इस बेदर्द जमाने की ,
लिख दिया अपने नाम हर अंजना अंजाम ll
कागज दिल का एक नाव बनाया हूँ ,
उसे उफनते लहरों पर बिठाया हूँ l
मुझे मालूम है भवर की हर चाल ,
अपनी मुहब्बत तेरे नाम आजमाया हूँ ll
साहिल मिले न मिले कुछ गम नहीं ,
तेरा मझधार में मिलना कुछ कम नहीं l
अपनी कश्ती गुजरेंगी लहरों से हो कर,
मुस्कुरालो पल दो पल आँखे हो नम नहीं ll
रूह से रूह का मिलन है नजरो का धोखा नहीं ,
रब की मर्जी से मिले है हम संयोग का मौका नहीं l
हिजाब से न ढक चेहरों के मानिंद अपने दिल को ,
बेहिसाब बाते हो दिल की दिल से किसी ने रोका नहीं ll
देखना कागज दिल पर लिखे पैगाम मिटे नहीं ,
संभालना आंसुओं को दिल पे पड़े कोई छींटे नहीं l
इबारत लिखे हम अमर प्रेम की कुछ इस तरह से ,
लाख कोशिशों के बाद भी जिनके निशां मिटे नहीं ll

…………………….BP  YADAV……………………..

         

Share: