कागज़ दिल पर लिख डालें

दिल को काग़ज़ अभी बना लें।
फिर सब अपनी क़लम संभालें।

दिल के जज़्बातों को अपने,
काग़ज़ दिल पर ही लिख डालें।

गुम हो रही विरासत अपनी,
आओ मिलकर इसे बचा लें।

अदब ले चलें आसमान पर,
कन्धों पर सब भार उठा लें।

काग़ज़ दिल के प्लेटफार्म पर,
रचनाओं की रेल चला लें।
©️®️ Manjull Manzar Lucknowi

         

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