कागज़ दिल पर

ख्वाबों का उनवान लिखा है कागज़ दिल पर .
एक नई पहचान लिखा है कागज़ दिल पर ,
जज्बातों के सहरा में जो दर दर भटका ,
दिल का वो तूफ़ान लिखा है कगज दिल पर ,

कई कहानी घर के बड़े बुजुर्गों की और ,
बचपन की मुस्कान लिखा है कागज़ दिल पर .
पाया जो नायाब खजाना अपनों का ,
अजनबी की पहचान लिखा है कागज़ दिल पर .

खट्टी मीठी यादें ,कुछ भूले बिसरे पल ,
आंसू और मुस्कान लिख है कागज़ दिल पर .
फनी दुनिया ,बाज़ी एक मदारी की ,
नाच रहा इंसान लिखा है कागज़ दिल पर .

कितनी भी तारीकी हो मिट ही जाएगी
सुबह के है इमकान लिखा है कागज़ दिल पर ,
छुपा रखा है हमने अपने दिल में यारों ,
पूरा हिन्दुस्तान ,लिखा है कागज़ दिल पर …मधु श्रीवास्तव

         

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