काग़ज़ दिल एक नया आसमान

ढूंढा काग़ज़ दिल मैंने एक नया आसमान
जिसके तारे करते हैं पूरा हर अरमान

नहीँ टूटते, बस चमका करते हैं वो
जो बुझते से माँगों, कैसे करे रोशनी दान

यहाँ तो बादल ही कागज़ बन उमड़ते हैं
बरस जाते दिल पर, सुन जरा करुणा गान

समझो यहाँ सचमुच में इंसान बसते हैं
किसी का दिल दुखाना फिर कहाँ आसान

लाद रखा खुद को तुमने आलिशान गर्द से
भूल गये हो तुम,तुममें भी है एक जान

छोड़ खुद को , बस तुम चलो साथ मिरे
आओ कराऊँ जिद़गी से भी मैं तुम्हारी पहचान
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Yuvraj Amit Pratap 77
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