काग़ज़ दिल

सावन की फुहार में, चांदनी रातों में,

पतझड़ के मौसम में और सर्दी की ठंढ में,

हर दिन हर पल गीत नए गाना है,

दिल के गलियारे में, यादों को सजाना है !

लेकिन तुम्हे कागज दिल को मासूम दिल बनाना है

         

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