कागज़ दिल पर तुम जानां

नाम तुम्हारा आकर लिख दो क़ाग़ज़ दिल पर तुम जानां
गीत नया इक गाकर लिख दो क़ाग़ज़ दिल पर तुम जानां
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दर्द-ए-दिल जब सह न सको तो याद रहे खूं-ए-दिल में
अपना क़लम डुबाकर लिख दो क़ाग़ज़ दिल पर तुम जानां
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सपनों की परवाज़ करो गर जख्म परों में हो जाये
सपने नए सजाकर लिख दो क़ाग़ज़ दिल पर तुम जानां |
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जीत मिले या हार मिले क्या डरना प्रीत-परीक्षा में
बस परिणाम बनाकर लिख दो क़ाग़ज़ दिल पर तुम जानां |
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दीन दुखी लाचार परेशाँ कोई बचे न दुनिया में
सब के लिए दुआ कर लिख दो क़ाग़ज़ दिल पर तुम जानां |
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गिरधारी सिंह गहलोत ‘तुरंत’ बीकानेरी

         

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