पंख लगाए – कागज़ दिल

ग़ज़ल,
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धुन में एहसासों के उड़ता, कागज़ दिल
पंख लगाये उम्मीदों का,कागज़ दिल
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चाँद, सितारे, सागर, दरिया, कागज़ दिल
रिश्ते, नाते,आंसू, सहरा,कागज़ दिल
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तीती-तीती, ताता-थैया, कागज़ दिल
लूडो,कैरम,गुड्डा, गुड़िया, कागज़ दिल
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जिनमें कुछ उम्मीद बची है जुड़ने की
टूटे उन सपनों की दुनिया, कागज़ दिल
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हम सब की खुशियों का यह सरमाया है
हम सब के ग़म से बावस्ता, कागज़ दिल
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कह दो दिल में बात छुपी जो वर्षों से
देख रहा है आओ रस्ता, कागज़ दिल
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सर्वाधिकार सुरक्षित
सौमेन्दु वर्धन मालवीय

         

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