कागज दिल आज से

विधा>गजल

काफिया>आद

रदीफ़>कागज दिल आज से *********************************

लिखु मैं सदा याद कागज दिल आज से

दिल की वो फरियाद कागज दिल आज से

अब की मिलो तुम तो ऐसे यारा मिलो

क्यों हम मिले बाद कागज दिल आज से

चोरी चकारी का भय छूटा दिल से

अब सब हो आबाद कागज दिल आज से

मेरी गजल शायरी देखेगा जहाँ

मिल जो गयी दाद कागज दिल आज से

ये फलसफा आज जीने का है सबब

लिख जो ली रुदाद कागज दिल आज से

जो देखता हूँ कलम तड़पे दरबदर होकर

मैं नाशाद कागज दिल आज से

क्यों फिक्र हो साथ हो जब अब आपका

#मनु इश्क़ नाबाद कागज दिल आज से *********************************

नाशाद> दुखी

रुदाद >कहानी

दाद > वाह वाही

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••••••••••••••••2212 2122 2212

••••••••••••••••••••••#मनुराज इंदौर मप्र

         

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