“कागज़दिल”

आह भरता नहीं है कागज़ दिल।
शोर करता नहीं है कागज़ दिल।
जख्म पर भी सवाल करता है,
दर्द सहता नहीं है कागज़ दिल।।
     ©अंशु कुमारी

         

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