नहीं कोई तुम्हारा , तुम्हारा होकर

वक्त ने ज़िन्दगी के पत्ते कुछ यूँ बांटे
मेरे हिस्से सारे जोकर आ गए

कहीं भी उन्हें आजमाने खुशी से चला जब मैं
बस उसी पल वो चेहरे धोकर आ गए

–––––– संदेशात्मक शायरी – .कता

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Yuvraj Amit Pratap 77
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