मुहब्बत आज की

उसकी याद मुझमें आज भी साँसे घोलती है
बातें करूँ तो उसकी तसवीर आज भी मुहब्बत बोलती है

उसके हो गए थे हम आँखों से ही मुस्कुराते बोल पर
जाने क्यों दुनिया आज मुहब्बत से पहले महबूब तोलती है

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Yuvraj Amit Pratap 77

         

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