नादान

ए उम्र अब कहाँ ले जाएगी तू मुझको
क्या बचपन, सारी जवानी जब दे दी तुझको

वक्त की निगहबानी देख नहीं मैं उड़ना छोड़ दूँगी
मेरा दिल है बताता नादान अभी तलक मुझको

★वन्दना सिंह धाभाई★ ©

         

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