सरहद उम्मीद की

बेशक मेरे ख्वाबों पर ये दुनिया हंसती है
पर उम्मीदों की सरहद में तो दुनिया ही बसती है

ख्वाबों के खूबसूरत होने की यही तो कहानी है
हसीन दिखते हैं जबतक, निगाह पाने को तरसती है

★ वंदना सिंह धाभाई ★ ©

         

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