पृथ्वी संरक्षण

माँ से करने लगे क्यूँ आतताई दोस्तों
हरियाली दुष्शासनों से खिंचवाई दोस्तों
अस्तित्व खुद ही का खतरे में जब अभी
अस्मत माँ की बचानी याद आई दोस्तों।।

शुचि(भवि)

         

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