प्रेम और हौसले

डूब गए खुशी से तो किनारे की तलाश किया नहीं करते
इश्क़ में रज़ा हमारी थी ग़म औ खुशी का गिला नहीं करते
तड़पेंगे एक दिन सितमगर देखकर हौसला बुलंद मेरा
मक़सद बदलते रहते हैं मगर एहसास कभी मिटा नहीं करते

शिवानी ,जयपुर

         

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