बना रहता

तजुर्बे जोड़ न पाया कभी भी अपने जीवन में
अपने बडो का लिये साथ कव कोरा बना रहता.
बहुतो शेरों से भरे कागज भी सभाले थे हमने
खफा इस बात पे हूँ रेखा ज़ाना रुतबा बना रहता.
रेखा मोहन ४ /६ /२०१८

         

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