हम प्याले, वो एक जाम हो गये ..

ज़िंदा रहा तो देखा नहीं , मुड़कर कभी मुझे ।
आज मर गया तो चर्चे , अब सरेआम हो गये ॥
जो कहते थे कभी हराम है, मैं पीता मिलूं अगर ।
मौकापरस्त हम प्याले, वो एक जाम हो गये ॥

– कवि योगेंद्र तिवारी

         

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