वो है जो चाँद लेकिन सिर्फ मेरा

वो है जो चाँद लेकिन सिर्फ मेरा है कहीं गुम हैं।
मिरे ख्वाबों का वो ही तो लुटेरा है,कहीं गुम है।
अंधेरा ही अंधेरा है, गगन मे लाख तारे हों।
जो मेरी ज़िन्दगी का ही सवेरा है, कहीं गुम है।।
अंशु

         

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