सीने में तूफ़ान लिए

तूफान की आमद का तो इमक़ान था उसे
फाक़ाकशी से घर को बचाने निकल पड़ा
सीने में समेटे हुए बच्चों की ख़्वाहिशें
बदक़िस्मती को फिर से हराने निकल पड़ा
भरत दीप
इमक़ान- अंदेशा,अन्दाज़ा
फाक़ाकशी- भुखमरी

         

Share: