दास्ता

ना उदास
होना तुम
मेरे गुज़र जाने
पर
मै फिर लौट आऊगी
तुम्हारे
पास
अपनी अधूरी
दास्ता सुनाने‌ को
जब तक पुरी

होगी मै चैन
से कहां
सो सकुगी
तुम्हारी बांहों
से बेहतर
और कोई जगह
कहां तलाश
सकुगी
नही नही
देखना
मैं लौट आऊंगी।
फिर से
सिर्फ तुम्हारे
पास।
अंशु

         

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