हया से

मिलाके नज़रें झुका ली उसने
सिमट गई खुद में,वो हया से।

मचल मचल, अरमान जागे,
लगा रहे सब अलग कयासे।

यही हैं अरमान दिल में जागे
कि हो तू कायल मेरी वफ़ा से।

सुन नींद लूटी और चैन छीना
माशूक ने अपनी हर अदा से।

आ मिलके नीलम महका करें हम,
प्यार के जहां में,बाद-ए-सबा से।

नीलम शर्मा ✍️

         

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