ये साथ हमारा

नदी  के  दो  किनारों  सा  है ये  साथ  हमारा
ना मिलें पर, आब-ए-इश्क़ में डूबा हर किनारा

आब – पानी. – Binding

Vandana Singh Dhabhai
………★ Co.Ryt ★………

         

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