ढोंग  करते  है  वो  शराफ़त  का

हर  पहर वो नज़र नही आती
याद उनकी ही भर नही आती

ऐसे  ही  धूप  छाँव  है, सामने
ज़िन्दगी  में  नज़र  नही आती

वो  मुझे  छोड़कर  गए  जबसे
ऐसे  उनकी  ख़बर  नही आती

तेरी  यादों  को  दफ़ना देगे अब
कोई  भी  याद  घर  नही आती

मोहब्बत  ही नही  है बेवफ़ा को
तोहमत  भी  असर  नही  आती

ढोंग  करते  है  वो  शराफ़त  का
बू-  ए-  तहजीब  पर  नही आती

समझें है आसमाँ ही खुद को जो
मोहब्बत  की  डगर  नही  आती

-आकिब जावेद

         

Share: