नंगे पांव रेत पे

नंगे पाँव भींगे रेत पे चलना उनकी अदा है
इक तितली के लिए मचलना उनकी अदा है

लड़ने को तो तूफान से भी लड़ जायें वो
छिपकिली और चूहे से डरना उनकी अदा है

हर इक बात पे रूठें वो झल्लायें भी मगर
यकायक सीने से लिपटना उनकी अदा है

दिल दुखता होगा पर सामने रोतीं हैं कहाँ
भींचकर तकिया सिसकना उनकी अदा है

न पूछती हैं कभी वो न बताता हूँ उनको
दर्द मेरा चुपचाप समझना उनकी अदा है

हालात से होता परेषां तो झल्लाता हूँ मैं
मुष्किलों में भी चहकना उनकी अदा है

         

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