अपना समझ के हाल अपना बता दिया

अपना समझ के हाल जो अपना बता दिया।
तुम ने तो मेरे ग़म का फ़साना बना दिया।।

कैसे सुनाए हाल ए दिल अपना अब तुम्हें।
हंसना सिखा के तुम ने तो फिर से रूला दिया।।

क्या क्या न ख्वाब तुम ने दिखाए थे कल मुझे।
सारे हसीन ख्वाब को पल में जला दिया।।

यू तो गुज़र रही थी हमारी भी ज़िन्दगी।
कर के वफ़ा की बात भला क्यों भुला दिया।

अंशू को आज हाय ये कैसी सज़ा मिली।
जिस से वफ़ा किया हैं उसी ने दगा दिया।।
©अंशु

         

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