नसीब साहिल

गाफिल तुमहारी याद से यह दिल नहीं हुआ
मुझको तुम्हारा कुर्ब भी हासिल नहीं हुआ

साया बना मैं आपसे लिपटा रहा मगर
हसरत के दिल में आपके दाखिल नहीं हुआ

ठुकरा दिया जो तुम ने तो रुस्वा हुवे बहुत
तकदीर का सितारा भी झिलमिल नहीं हुआ

तुझसे बिछड़ के जिन्दगी मैं बे अमाँ रहा
मुझको नसीब फिर कभी साहिल नहीं हुआ

नाकाम होगई हैँ मेरी कोशिशें तमाम
यह इश्क मेरा आज भी कामिल नहीं हुआ

कैसे वो ज़िन्दगी को बिताये गा साद अब
दुशमन या दोस्तों में जो शामिल नहीं हुआ

अरशद साद रूदौलवी

         

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