यादों का समंदर

तेरी यादों का समंदर कभी सूखता नहीं ।
आंखों में खुशी है मगर दर्द मिटता नहीं ।

चौमासे सावन सा बरसता गम है सीने में,
जुदा ए सनम तुम बिन दिल कहीं लगता नहीं।

लाख बोई फसलें आरजू की दिल की जमीं
वीरान ए दिल में बहारें-खुशियां पलता नहीं।

जिंदगी के हर पहलू से गुजर देखा मैंने ,
पर जो प्यार तुमने दिया वह कहीं मिलता नहीं ।

कहां ढूंढू तुमसा और प्यार तेरा सा योगेंद्र
दर्दे हमसफर ,हम यार अब मिलता नहीं।

योगेन्द्र कुमार निषाद
घरघोड़ा, छ०ग०

         

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