निखिल ये नाम भी है

एक तू है एक मै हूँ शाम भी है
आँख में तेरे सुधा सा जाम भी है

कौन बोला आदमी मै फालतू हूँ
प्यार करने का बड़ा सा काम भी है

अब यहाँ है रावणों का बोलबाला
कहने’ को बस रह गया की राम भी है

रोमियो पागल या’ मजनू जो कहो तुम
पर बहुत प्यारा निखिल ये नाम भी है
..निखील कुमार सिंह..

         

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