“बस मुस्कुराने लगे”…

बहुत ऐसे सवालात आने लगे ।
कदम ख़ुद-ब-ख़ुद ही डगमगाने लगे ।
••
अच्छा सा संदेश मिल क्या गया अभी ,
बेवज़ह यूं ही बस मुस्कुराने लगे ।
••
उसकी संगत का असर कुछ ऐसे कि ,
अब तो सभी रिश्ते बहुत भाने लगे ।
••
तबीयत भी हद तक ठीक हो चली है ,
बीमार को जबसे सहलाने लगे ।
••
रूठना हम भी आजकल सीख गये ,
जबसे आकर वो ख़ुद मनाने लगे ।
••
ख़्वाबों पे बंदिश बहुत ज़रूरी है ,
सभी ख़्याल आकर ये बताने लगे ।
••
दिल हो गया जाने क्यूं बहुत उदास ,
बिना मिले ही आज वो जाने लगे ।
••
यूं ही उम्र गुजरेगी उम्मीद तले ,
परत-ए-ख़्वाब यूं जो हटाने लगे ।
••
ये कैसा क़शिश है क्या कहे “कृष्णा”,
वक़्त-बेवक़्त बस यूं गुनगुनाने लगे ।
°°°

         

Share: