मलाल तेरा है

एक गजल
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दिलो दिमाग में छाया खयाल तेरा है |
मुझे हुआ जो नशा वो कमाल तेरा है |
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बिगाड़ रक्खा है किसका बता भी यूँ मैंने,
खटक रहा हूँ सभी के बवाल तेरा है |
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मुझे न डर है जमाने की दुश्मनी का पर,
जियेगा कैसे अकेले सवाल तेरा है |
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निहारता न सितारों को इन में क्या रक्खा,
मेरी नजर में जो रहता जमाल तेरा है|
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किसे पड़ी है सुने जो ये बेसुरे नग्में,
दिखे जो बज्म में रौनक धमाल तेरा है |
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मुझे गिराया है किसने मनुज नहीं परवाह,
मगर न देख रुका तू मलाल तेरा है |

         

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