“ये एक अहसास है”…

°°°
तुम नहीं मगर तुम्हारी यादें मेरे पास है ।
बहुत ही ख़ूबसूरत हर-एक ये अहसास है ।
••
इक झिझक कोआसानी से तुमने यूँ मिटा दिया ,
आ गये हो ज़िंदगी में जबसे , बंदा ये बिंदास है ।
••
खामोशी बहुत दूर चली गयी है इस तरफ़ से ,
जब से देखा इधर तुम्हारी हँसी का वास है ।
••
आँखों में हसीन ख़्वाब देखना सिखाया तुमने ,
ज्यादा क्या कहूँ ख़ुद से अधिक तुम पर विश्वास है ।
••
न किसी बात का ग़िला और न कोई शिकायत ,
ज़िंदगी , ज़िंदगी बन गयी , अब न कोई उदास है ।
••
मानो बरसों की हर ख़्वाहिश पूरी हो गयी हों ,
तृप्त आत्मा है , न बची कोई और अब प्यास है ।
••
कुछ तो बात होगी इकलौती राधा रानी में ,
तभी भीड़ से हटकर , वो ही “कृष्णा” की खास है ।
°°°
— °•K.S. PATEL•°
( 27/09/2018 )

         

Share: