“कुछ सीखा है”…

°°°
लफ़्ज़ों के मिठास के आगे सब कुछ फीका है ।
नज़र-अंदाज़ कर कहाँ किसी ने कुछ सीखा है ।
••
अपनी अहमियत को कभी भी कम तो मत आँको ,
क्योंकि तुझे देखकर कोई और भी जीता है ।
••
चेहरे से याद रहोगे , ये भूल भी जाओ ,
याद रह जाता हमेशा सभी का सलीक़ा है ।
••
ख़ुद पर गुज़रा तो हर-एक ग़ुनाह समझ आया ,
कल तक अंज़ान थे , दूसरों पर क्या बीता है ?
••
बहुमूल्य रत्नों में कौन है कीमती जान लो ,
सच कड़ी मेहनत सा नहीं कोई नग़ीना है ।
••
इंसान हो तो बस पी जाओ सारे ग़मों को ,
वरना देख लो ग़म ही इंसान को पीता है ।
••
आज के दौर में तुम चुस्त-दुरूस्त रहो “कृष्णा”,
पिछड़ जाता हमेशा वो , जो रहता ढीला है ।
°°°

         

Share: