चरागों से रिश्ता

 

राब्ता भी तू चराग़ों से बराबर रखना
घर को चौकन्ना हवाओं से बराबर रखना

बाम अफ़्लाक को छूने का की तमन्ना है अगर
तो ताल्लुक़ भी किताबों से बराबर रखना

फिर तो हर शख़्स तिरी बात का क़ाइल होगा
पुख़्ता तू ख़ुद को दलीलों से बराबर रखना

मैंने माना कि अमीरों से ताल्लुक़ है तिरे
पर मरासिम भी ग़रीबों से बराबर रखना

चाहता है जो तू तहज़ीब की बुनियाद नई
गुफ़्तगु उर्दू में बच्चों से बराबर रखना

मात दे सकते हैं ये तुझ को अगर भूल गया
ख़ुद को होशयार प्यादों से बराबर रखना

ज़ुलम करने से बचा खुद को अगर है मक़सूद
साद मीज़ान के पलड़ों से बराबर रखना

अरशद साद रूदौलवी

         

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