जुगाड़

*** जुगाड़***

जिंदगी जीना है तो कुछ हुनर सीखना होगा ,
कुछ फ़रेब और जुगाड़ भी रखना होगा ,

दुश्मनो की कमी नही हैं इस दुनियां में ,
भरी महफ़िल में यारों को समझना होगा,

काबलियत बहुत जरुरी है कामयाबी के लिए ,
मंजिल पानी है अगर तो जुगाड़ बनाना होगा,

मौसम का मिज़ाज बहुत खूबसूरत है लेकिन,
घर से निकलो तो छाता साथ लेना होगा,

बिना मतलब के यहां कुछ नही होता ,
घर आये दोस्तों पर भी नज़र रखना होगा ,

नीरज सिंह
टनकपुर(चम्पावत)

         

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