“थोड़ा इंतज़ार करना”…

°°°
नौकरी की तलाश में अब और न कहीं उधार करना ।
काम ये भी अच्छा , ख़ुद का कोई कारोबार करना ।
••
आय का अन्य स्रोत तलाशना है ज्यादा अक्लमंदी ,
हड़ताल की ओछी हरकत को ज़रा दरकिनार करना ।
••
लटकते हुए शक़ल को देखना भला किसे पसंद है ?
तमाम मुस्कुराहट के हवाले सभी घर-द्वार करना ।
••
धीरज ख़ुद के व्यक्तित्व का एक सटीक आईना है ,
अधीर हो कभी अपने-आपको मत शर्मसार करना ।
••
अच्छे व्यवहार की पूंजी होती नहीं सभी के पास ,
इसे सहेजकर रखना और आदत में शुमार करना ।
••
हर किसी के भावनाओं की  क़दर करना है ज़रूरी ,
अपनी अकड़ से सुलझे रिश्तों को न तार-तार करना ।
••
न हैरान हो और न ही कुछ बातों से परेशान हो ,
खुशियाँ इधर आ रहीं हैं , बस थोड़ा इंतज़ार करना ।
••
आज नहीं तो कल मनचाही मंज़िल मिल ही जायेगी ,
बस सफलता-प्राप्ति के लिये प्रयास बार-बार करना ।
••
हमेशा एक जैसे हालात मिले , ये ज़रूरी नहीं ?
बदलाव को अपनी ज़िंदगी में “कृष्णा” स्वीकार करना ।
°°°
— °•K.S. PATEEL•°
( 12/04/2018 )

         

Share: