दुश्मन जीत जाएगा

तवाहम है तिरे दिल का कि दर्पण जीत जायेगा
सरापा हुस्न तू है तो यकीनन जीत जायेगा

बहा लेना किसी मौसम में आँसू अपनी आँखों से
सुनो बरसात मे रोने से सावन जीत जायेगा

मुहाजे जंग में जाना तो हर पहलू नजर रखना
जरा सी चूक होगी और दुश्मन जीत जाये गा

अगर मैदान में मासूम कुदसी की तरह आये
मिरा दावा है हर इक जंग बचपन जीत जायेगा

मुकाबिल कर दिया जाये उसे दानिशवरों के तो
मुझे मालूम है फिर यह लङकपन जीत जायेगा

सलीकामंद हो जाये अगर गुफ्तार दिलबर की
मुझे लगता है वह जालिम मिरा मन जीत जायेगा

मसाइल जिंदगी की आखरी साँसों तलक होंगे
करेगी रूह जब परवाज जीवन जीत जाये गा

अरशद साद रूदौलवी

         

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