“पिता”… जीवन का आधार…

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रिश्ता अनमोल है , पिता जीवन का आधार है ।
दिखता नहीं मगर पिता में छुपा अनंत प्यार है ।
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सभी रिश्तों की परवाह रहता है जिसे हरदम ,
सारे घर की जान , पिता संपूर्ण परिवार है ।
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बाहर से कठोर मगर अंदर से बेहद कोमल ,
अनुशासन है मगर स्नेह का पूरा संसार है ।
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कुछ भी ख़्वाहिश पूरा करने में बिल्कुल पीछे नहीं ,
सही राह दिखाता आतुर पिता एक बहार है ।
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पूरे परिवार के सभी बोझ उठाने के लिए ,
अपना ग़म भुला दे , अनोखा ऐसा अवतार है ।
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अनुभव का खदान , उम्मीदों भरा हर एक किरण ,
संघर्ष की आँधी में हौसलों की दीवार है ।
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हर ग़म से परे , उमंगों से भरपूर ऐ “कृष्णा”,
पिता का संगत दुनिया का श्रेष्ठतम उपहार है ।
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— °•K.S. PATEL•°
( 09/09/2018 )

         

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