“सबको साथ ले चलना होगा”…

°°°
हालात सुधारने से पहले ख़ुद को सुधरना होगा ।
दुनिया बदलने से पहले ख़ुद को ही बदलना होगा ।
••
जब तक ये जान है आज़माईश होती ही रहेंगी ,
तैयार रहो , सभी साँचे में हमेशा ढलना होगा ।
••
अंज़ाम भी अच्छा होगा , आग़ाज़ से मत घबराओ ,
नाकाम्याबी के डर से ज़रा पहले मुकरना होगा ।
••
ऊँची उड़ान की तरफ़ देखना बहुत अच्छी बात है ,
मगर याद रहे ज़मीन को छोड़कर ही उड़ना होगा ।
••
अकेले चलोगे तो ज्यादा मज़ा ले नहीं पाओगे ,
असली मज़ा के वास्ते सबको साथ ले चलना होगा ।
••
यक़ीनन बेहद ही ख़ूबसूरत लगोगे सबके बीच ,
दर्पण छोड़ सीरत में झाँककर बस संवरना होगा ।
••
जिम्मेदारी के बोझ से अगर कमर झुके तो क्या ग़म ?
मगर क़द बढ़ाने के लिये तो दिलों को पढ़ना होगा ।
••
ये भी जलना भला कोई जलना है कि शोला न धुआँ ?
अमर हो जाने के लिये आफ़ताब-सा जलना होगा ।
••
दिल का क्या है “कृष्णा”, वो सदा कुछ भी माँग लेता है ,
हासिल करो कुछ , इससे पहले ज़रा सम्हलना होगा ।
°°°
— °•K.S. PATEL•°
( 17/04/2018 )

         

Share: