व्यंग्य तो सत्य कहता है..

शिल्पकार के हाथ में हथौड़ा और छैनी होना चाहिए।
व्यंग्य की कलम में धार तेज़ और पैनी होना चाहिए।।

व्यंग्य ही हमें सच मायने में आईना दिखाता है।
व्यंग्य तो सत्य कहता है हँसता है मुस्कराता है।।
-कवि योगेंद्र व्यंग्यकार

         

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