झील सी आँखों

झील सी उन आँखों से आँख क्या मिलाना है
ज़िंदगी की कश्ती का याने डूब जाना है

वो नया सही लेकिन उसके शेर तो दखो
सरफ़राज़ ऐ लोगों नूर का खज़ाना है

         

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