Category Archives: घनाक्षरी

मेंहदी

विषय -मेंहदी विधा -धनाक्षरी कर सोलह श्रंगार वधू चली ससुराल लगती आज गजब मेंहदी सजी हाथों में। पिता का प्रेम इस मे पति का नेह इस मे सजती रहे हाथ मे दुःख छुपाये बातों में। साजन परदेश मे सजनी है वियोग में सावन है आया फिर, नींद ना आये रातों में। हिना का ये स्वभाव […]

भ्र्ष्टाचार

*भ्रष्टाचार,* देश परदेश तक, बात करे विदूषक । विश्व गुरु हम कब, कौन पोल खोलता ।।१ एक दूजे पे आरोप, किया उसे भंडा तोप। जेल बता जाने ख़ौप, कौन कब बोलता ।।२ स्विस बैंक लबालब, कर जवाब तलब । धन देश आ गजब ,कौन मौन डोलता ।।३ भ्रस्टाचार सरकार, गजब है हाहाकार । विपक्ष भी […]

अंतर्मन

*अंतर्मन* अंतर्मन में है ज्वाला, पी चला उसने हाला । हलक में जैसे डाला,मदहोश बनिये ।। अंतर्मन में अनल , क्रोध करते दलन । तमतमा ये चलन ,मदहोश रहिये ।। अंतर्मन में विचार, मुख चिंतन से भार । जगत से मन हार ,मदहोश कहिये ।। हम तुम एक बार, मिल जाये अब सार । अंतर्मन […]

साहित्यानिशासन

*साहित्यानुशासन* आनन दर्प दीखते,कानन धूप घूमते । भानन झांझ लगते,सहिष्णु ही रहिये ।। आसन सब करते , मधुर बोल बोलते। विचार मिल सीखते, सहिष्णु से मिलिये ।। देश उत्थान सोच हो, सब मिल विकास हो। भाव सामान मान हो, सहिष्णु ही कहिये।। सत्य कलम चलाते, विचार नहीं बेचते । साहित्यानुशासन से , सहिष्णु ही चाहिये […]

ग्रीष्म

*ग्रीष्म* सुख चले ताल तरु,रूखे सूखे धरा मरु। भुंज रहे झांझ शुरू , अभी गर्मी जानिये ।। ग्रीष्म ऋतु आन शुरू , पानी देखि जान शुरू । कंठ भर प्यास शुरू ,गर्मी तप मानिये ।। आम निम्बू लीची शुरू, तरबूज पक शुरू । खीरा ककड़ी खा शुरू,गर्मी अब पाइये ।। स्वेद बून्द गिर शुरू, सर […]

नफरत

नफ़रत 🔥🔥🔥🔥🔥🔥 नफ़रत पे निर्माण , मरदूद पाकिस्तान। आतंक का है पोषक , रक्त बीज बोइये ।। 🔥🔥🔥🔥🔥🔥 शहीद होते जवान , सीमा पार वो हैवान । धर्म अन्धता पोषण , आतंकी ही पालिए ।। 🔥🔥🔥🔥🔥🔥 आतन्क का है द्योतक , लोकतंत्र का भक्षक । रक्त पात का दर्शक , मौत रोज बाँटिये ।। 🔥🔥🔥🔥🔥🔥 […]

परीक्षा , परख

परीक्षा /परख जिंदगी एक परीक्षा बदलती रही निष्ठा राम राम कह रहे रावन बन जीते , नवयुग की परख धीरे धीरे ही सरक कन्धा बना बेधड़क स्वार्थी जीवन जीते , मीत मिले तो परख गुरु बना वो मिथक ज्ञान वान तो भटक अज्ञानी ही तारते , बाबा बन संत बन देश द्रोही कंठ कर अंध […]

कजरारे नैन

*कजरारे नैन* 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 तुम मौन हो सताती, गेसू बांध उलझाती । मधु मुस्कान से आती, अश्रु धार दे जाती ।। सुर्ख रक्त लब दिखा , मोहक कपोल बता । आँखों पर प्यास जता , नैन प्यास दे जाती ।। कमनीय तोही काया ,कजरारे नैन माया। चंद्र भाल भरमाया , मौन प्यास दे जाती ।। गज […]

एक ताल एक हाल

नैन एक ताल,,,एक हाल,,,, गेंसु लट मोह जाल, नैनो संग नैन डाल। रक्त आभा चंद्र भाल, दिल छीनी मुख लाल।।१ उर ध्वनि संग ताल , मन मोह यही हाल। हर पल देख भाल, सङ्ग रहे यही ख्याल।।२ मोह चली यह नार, कर रही नैन वार। हर चुकी दिल यार, मिल जाये यही सार।।३ हम तुम […]

छाँव

*छाँव* कहीं धूप कहीं छाँव, छोटा रहा मेरा गांव । आम नीम पेड़ छाँव ,बच्चे मस्त देखिये ।।1 खेल कूद जहाँ छांव , धूप खिले पूरे गाँव । बच्चे रहे थोक भाव ,बच्चे मस्ती सीखिये।।2 बड़े बूढ़े बैठे छाँव , हुक्का खींचे हिला पांव । श्वान आये दबे पांव , बच्चे मस्ती कीजिये ।।3 श्वान […]

आत्म सम्मान

अपनी संस्कृति बोल,पाश्चत्य लम्पट डोल। नकल करते पोल ,सम्मान बचाइये ।। 1 नर नारी काम चोर, राज नेता मुफ्त खोर । वोट बेच बन ढोर ,सम्मान डुबाइये ।।2 स्वप्न दर्शा चितचोर , नारा देके किया शोर । सत्ता धारी बना जोर ,सम्मान गिराइए ।।3 विश्व गुरू बने शोर , योग विद्या घनघोर । योग्य रोते […]

प्रजातंत्र

भारत देश महान , जीत देख रोजगार । भीख मांग कारोबार , *लोकतंत्र* देखिये ।। राजनीति करे चाल , राज सत्ता से वाचाल । चाटुकार से सवाल , *जनतंत्र* जानिए ।। अनपढ़ शिक्षा देते , अंगूठा लगा पढ़ाते । बोझ बस्ता का बढ़ाते , *भीड़ तंत्र* कहिये ।। भ्रष्टतंत्र से लाचार , सत्ता पर है […]

धनवंतरि देव

धन धन धान्य वैभव से चिकित्सक हैं देवो के स्वास्थक जीवन राज धनवंतरी पूजिये तन मन सुसोष्ठव उच्च जीवन वैभव उच्च विचार सोरव धनवंतरी मानिये आयुर्वेद के जनक ओषधियो के मर्मग्य विषम काल चिन्तक धन्वन्तरी जानिये दीप दान महोत्सव तमस दूर उत्सव मना लो प्रकाशोत्सव धन्वन्तरी कहिये नवीन कुमार तिवारी ,अथर्व

आंसू

  रिश्ते से बेपरवाह , किये रहे फरियाद । रिश्ते कहाँ अब याद , आंसू निकालिये ।। रिश्ते पर आते रिश्ते , हसीन रहे फ़रिश्ते । महंगे थे खोटे सिक्के , आंसू दिखयीये ।। रिश्ते टुटरहे रिश्ते , मौत पर बने किस्से । दहेज़ ले घसीटते , आंसू सुखाइये ।। नवीन कुमार तिवारी, अथर्व ✍

भूल छोटी सी

इंतजार एक रहा अश्रुधार बह रहा भूल खटकता रहा एहसास मानिये पुष्प सुवासित रहे मधु अलंकृत रहे सुर तरंगित रहे एहसास जानिये अहंकार मद आया अहं ज्वार संग लाया संग तंम तृष्णा छाया एहसास चाहिए सुप्रभात अलसाया पढ़ चुका अब पाला प्रेम ज्वार रहा हाला एहसास करिए नवीन कुमार तिवारी ,अथर्व

तम मीटे दीप जले

तम मीटे दीप जले , तम बढे दीप बुझे ! तम घने सब डरे , दीप ही जलाईये !! दीप दान कर मान , शिक्षा दान कर ध्यान ! धन दान मत मान , दीप ही जलाईये !! दीप जला अंतर्ध्यान , दीप बुझे मति श्याम ! दीप रहे कान्ति मान , दीप ही जलाईये […]

जीवन साथी

*जीवन साथी* अनबोले हमराही , बनते जीवन साथी ! उर ताल मिल जाते , सात जन्म रहिये !! मीन मेख निकालते , मधु प्रिय बन जाते ! एक संग रह जाते , सात जन्म कहिये ! जन्म जन्मान्तर खेल , धरती पर है मेल ! नव पुष्प लता बेल , सात जन्म सहिये !! तन […]

गुड़िया की विदाई

🌺गुड़िया बेटी की विदाई 🌺 गुड़िया देखे सपना , लागे सब ही अपना । मौज मस्ती से खेलना , सपने ही देखिये ।। गुड़िया आये जो घर , पढ़ने में होशियार । बड़ी है वो होनहार , सपने में सोचिये ।। गुड़िया खेले खिलौना , छोटा सा है बिछोना । मस्ती देख झूठा रोना , […]

दीपावली

फुट रहे है फटाके सजे घर फुलवारी सजे दीप घर द्वारी यही है दीपावली मंगल आरती होती दीप मलिका सजाती नव हर्ष बरसाती यही है दीपावली बच्चो संग झूम रहे दादा दादी नाना नानी नव आभूषण सजे यही है दीपावली सतरंगी नभ छाया आमिर गरीब माया हर्षित उत्सव लाया यही है दीपावली नवीन कुमार तिवारी […]

देश ये महान

रहें मिल एक जान हिन्दू सिख मुसलमान, राम व रहीम वाला देश ये महान है| लक्खा माँ के गीत गावे मुन्शी ने अजान पढ़ी, ‘मनुज’सवैया गाये यहाँ रसखान है | सैकड़ों जुबान यहाँ कई हैं पुराण यहाँ, अनेकता में एकता प्रेम की ये खान है| शतत् नमन कवि खूब खींची ऐसी छवि, लागे तस्वीर मेरा […]