Category Archives: भजन – भक्ति

राधा रानी जन्म

भाद्र मास शुक्ल पक्ष अष्टमी को , प्रकट भयी राधे रानी सुकमार। दैव लोक से आ रहे, सभी दैवता दर्शन को आज। धन्य धन्य हो रही ब्रज भूमि, जहाँ रावल में जन्म लियो। जिस जिस ने दर्शन किये, हुए पूर्ण सब काज। धन्य धन्य माँ कीर्ति , धन्य धन्य वर्षभानु नन्दं। जिनके घर मे जन्म […]

श्री सिद्धिविनायक स्तुति

हे! ऋद्धि सिद्धि के दाता तुम हो मेरे भाग्य-विधाता पूर्ण कीजिए प्रभु मेरे सब काजा। ॐ गं गं गं गणपति गणेशा भक्त तेरे पड़ा घने कलेशा तुम्हीं आन दूर करो द्वेषा। ॐ कं कं कं कालिके नंदन करूं गौरीसुत स्नेह वंदन भरो ह्रदय मेरा आनंदन। ॐ शं शं शं शिव शम्भू प्यारे भव पर करो […]

सब रूपन मा तुम्ही गोसाईं

मन प्रफुल्लित अब होत बलिहारी गलियन गलियन कूँचे किलकारी नैनन से तुम अब करिहौ बातै श्याम शलौने गीत सुनाके मोरे मनवा में तुमने डाका डाला ऐसे गया अब वो हरसा के पकडे मोरे वो कलाई रसिया मन इतराय अब रह रह के जानौ अब ना कौनो बतिया वो गये है अब प्रीत रचाके प्रेम में […]

अपने रंग मोहे श्याम रंग जावे

शबरी जूठे बेर खिलावे। फिर भी राम मिलने को आवे। दो महीनों से बेर तोड़त मै। कोई राम को सन्देश दे आवे। ब्रज की गलियों में फिरत मै माखन लेकर। वो माखन चोर ना माखन चुरावे। यमुना तट पर पानी भरत मैं। कोई गुलेल से गागर में छेद कर जावे। हाथों में रंग लिए मैं […]

प्रवासी

मैं हुई प्रवासी दूर मंजिल की, कान्हा थकान हरो जीवन की। बीता यौवन इंतज़ार में, भ्रमित वचनों के खुमार में। मौन हुई वीणा मधुवन की, मुरझाई देख कली भी मन की । तेरी मधुर बांसुरी नींद भरी है, नहीं भोर रही पर सांझ उतरी है । शांत हुई बुलबुल जीवन की, नहीं कूकती कोयल अब […]

दुर्गा सुमिरन

कर पूजा मेरी स्वीकार,हे माता शेरोवाली बड़ी दूर से आया हूँ,सँग लाल चुनरिया लाया हूँ, करने तेरा श्रृंगार लेकर फूलों का गलहार, तेरे द्वार पे आया हूँ, हे माता शेरोवाली कर पूजा मेरी स्वीकार,हे….l सर्वमंगला शक्ति भंडार तुम हो, सकल सृष्टि आधार तुम हो सदा दुष्टों का करती संहार, कर पूजा मेरी स्वीकार, हे माता […]

गोकुल का ग्वाला

माई रे गोकुल का ग्वाला, वो नटवर मधुर मुरलीवाला श्याम छवि माथे मुकुट मोर पंख विराजत गले सोभे वैजन्ती माला, माई रे गोकुल का ग्वालाl जब पहन पियर पिताम्बर घूम, गली-गली मनभावन खेल दिखाता जड़ चेतन आनन्दित कर दुष्टों को भी हर्षाता, गोकुल का ग्वाला l बाल सखा संग जब मिल, दही माखन चोरी करता […]

विनती सुनो इक बार

हे प्रभु मोहि विनती सुनो इक बार, ले विश्वास मैं दौड़ा आया कब से खड़ा हूँ तेरो द्वार l हे प्रभु मोहि…………..ll ले लो शरण अपने रज बीच, दे दो मोहि सुखधाम जनम-जनम की बिगड़ी बना दो, कर सुख-दुख एक समान l हे प्रभु मोहि विनती सुनो इक बार ll सारा जग मैं छोड़ के […]

ऐसा वर देना

हे माता ! ऐसा वर देना सारी खुशियाँ हर घर देना । सबको देना तू धरती और मुझको बस तू अंबर देना ॥ इतने गम तू मुझको देना हर पल बस मैं बिखरता जाऊँ । प्रतिपल मुझको चोट लगे और हीरे सा मै निखरता जाऊँ ॥ एकहि अरज और है मेरी उन्नति होय किसानों की […]

थोड़ी राहत कर दो ना

हे महादेव ! कैलाशपति एक विनती पूरी कर दो ना । गर्मी ज्यादा हो गई प्रभु , थोड़ी राहत कर दो ना ॥ माँ भारती के वीर पुत्र वहाँ पापड़ सेंकें रेतों में । पशु – पक्षियों की दुर्गति भई रूखे सूखे खेतों में ॥ हे महादेव ! हे पशुपति ! इनपे ये इनायत कर […]

विद्या विमला,कुमुदी शुभदा,शास्त्ररूपिणी,नमः

सरस्वती वंदना ============ विद्या विमला , कुमुदी शुभदा, शास्त्ररूपिणी , नमो नमः | चन्द्रकान्ति माँ ,माँ शशिवदना , ब्रह्मचारिणी नमो नमः || त्रिगुणा शक्ति , माँ सरस्वती, हंस वाहिनी , नमो नमः | हे वाराही , वाग्देवी माँ , ज्ञान दायिनी , नमो नमः || *** नीलभुजा हे , मात शारदा , माँ निरंजना नमो […]

ॐ नमः शिवाय

ये तन गाये, ये मन गाये दुखिया सारा जीवन पुकारे ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय खोल दी आंखे देख जरा तू बेबस इन लाचार को चीर के रख देगी दिल तेरा दुखिया की पुकार ओ ॐ नमः शिवाय,,,,,,,, आए हैं हम द्वार तेरे तो खाली हाथ न जाएंगे तूने दया गर की न हम […]

तुम्हारे हाथों में नाव मेरी , इसे प्रभो ! भव से पार कर दो |

एक भक्ति गीत – *** तुम्हारे हाथों में नाव मेरी , इसे प्रभो ! भव से पार कर दो | किया है जीवन तुम्हें समर्पित ,प्रभो ! दया की फुहार कर दो | *** कभी न मन में अधर्म पनपे ,कलुष किसी के लिए न जन्में | न द्वेष कोई न क्रोध उपजे ,सदा रहें […]

आ जाओ राम

मचा है देखो कितना जग में कोहराम, अब तो हमें संभालने आ जाओ मेरे राम। तडप रही है भारत मां की जुल्म सितम से, आ भी जाओ प्रेम सरिता बहा दो अविराम। कमजोर होने लगे हैं सारे रिश्ते नाते जग में, त्राहि-त्राहि मची हुई है लगा दो उस पर विराम। सागर जैसा साहस भर दो […]

पशुपति के ध्यान में

*भजन* पशुपति के ध्यान में जिसने लगाई हो लगन। क्यों न हो उसको शांति क्यों न हो उसका मन मगन। काम ,क्रोध, लोभ, मोह शत्रु हैं सब महारथी।-2 इनके हनन के वास्ते क्यों न करे कोई यतन। पशुपति के ध्यान में……….. ब्रह्मा,विष्णु,महेश, शक्ति सभी समाये एक रूप।-2 ऐसे प्रणव स्वरूप का क्यों न करे कोई […]

तुम दो मुझ को आवाज

तुम दो मुझको आवाज कान्हा, खोई मैं वन मे….. खोई मैं वन में कान्हा जग के जंगल में तुम दो मुझ को आवाज कान्हा खोई मैं वन में। साँझ सवेरे नैना बरसेे, तेरे दर्शन को ये तरसे। कर दो कृपा की बरसात कान्हा खोई मैं वन में। तुम दो मुझको आवाज………. बीच भँवर में जीवन […]