Category Archives: देशभक्ति – वतनपरस्ती

रावण कैसे मारोेगे

कूड़ा करकट जमा कर लिया , फिर पुतले बनवाएँगे । नए जमाने के रावण से , फिर रावण जलवाएँगे ।। कब तक कुत्तों बालाओं की गोलाई को ताड़ोगे । रावण खुद के अंदर है , तुम रावण कैसे मारोगे ।।१।। गली मोहल्ले चौबारों में , जय श्री राम की बोलोगे । किसी के घर की […]

खामोशी जब इंकलाब होगी

हर खामोशी जब इंकलाब बनेगी और हर जुर्म का जवाब बनेगी तब क्रांति का फिर से आगाज होगा भ्रष्टाचार का बेहतर इलाज होगा अगर कोई बच्चा भूखा सोएगा फिर कोई भगत सिंह बनके अपने खेतों में बन्दूकें बोएगा और ये बन्दूक कलम का रूप होगी जाड़े की ठण्ड में गरीब की धूप होगी तीव्र शब्दों […]

खतरे में है यंगिस्तान

*देखो यह है हिंदुस्तान* देखो यह है हिंदुस्तान खतरे में है यंगिस्तान क्षणिक-क्षणिक सी पीड़ाओं पर दे देते हैं यह तो जान देखो यह है हिंदुस्तान ।। आज युवाओं के सर चढ़कर भूत लोभ का बोल रहा आधुनिकता के चोले में है अंग-अंग को खोल रहा रिश्तो के पानी में देखो स्वार्थ- जहर को घोल […]

केसरिया लहराता है

खून से सींची धरती पर अपना आधार बनाता है। बहती हवा में भारत वर्ष की गौरव गाथा गाता है। आसमान के सीने पे बेधड़क सूरज सी चमक दिखाता है त्याग, बलिदान का प्रतीक बनके केसरिया लहराता है। केसरिया ने हर रण देखा है। मोक्ष का अंतिम क्षण देखा है। धर्म का जै जैकार सुना है। […]

वतन हमारी आबरू वतन हमारी शान है

वतन हमारी आबरू वतन हमारी शान है। त्याग और तपभूमि ,भारत सीप समान है। धन्य झांसी की तलवार दुश्मन झट शमशान है। धन्य गुरु गोबिन्द थे, सर्वसव किया कुर्बान है। इन्कलाब के नारों से गूँजा हुआ आसमान है। आजादी के परवानों का हर गली निशान है। आजादी में बहा लहू ,धरती दुल्हन समान है। जो […]

कफन की ख़ाक

हमको अज़ीज़ ऐसे है अपने वतन की ख़ाक जैसे अज़ीज़ होती है गुल को चमन की ख़ाक मीठी ज़बां में अमन-ओ-सुकूँ का पयाम दे सारे जहां से अच्छी है गंग-ओ-जमन की ख़ाक सोए हैं जो शहीद तिरंगे को ओढ़ कर है ख़ुशनसीब कितनी ही उस पैरहन की ख़ाक ख़ुशबू मिलेगी एक सी हो रंग-ए-गुल कोई […]

कोटि कोटि नमन वंदन देश,

सबसे बढ़कर देश मेरा, तिरंगा परचम,उर लहर उमंग स्वतंत्रता दिवस, पावन सुदिन सब रंगे बसंती रंग। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 है कोटि कोटि नमन वंदन देश,पूजन अर्चन अभिनन्दन देश। विश्व गुरु भारत सर्वश्रेष्ठ है विजय तिलक का चंदन देश। अद्वितीय अनूप अतुल्य है “सर्व धर्म हिताय” का समावेश। गाय-वसुधा को, हम कहते माँ भाई चारे का देते संदेश। है कोटि […]

सहर्ष वंदम अपराजेय अजय,

अहा! आनंदम आनंदम, सहर्ष वंदम अपराजेय अजय, जाग्रत अखंड भारत तीन रंगों में चमक रहा चमचम। राष्ट्र प्रेम और देश भक्ति का हो रहा उद्घोष ऊर्जस्वित, सबसे ऊपर विश्व शिखर पर लहरा रहा हमारा परचम। आज भारत मना रहा है उल्लास पूर्व स्वतंत्रता दिवस । नहीं अधीन अब हम किसी के हैं फिर भी हम […]

अग्निगाथा

शत शत नमन हे ध्वज तिरंगे, किया जो स्वतंत्रनाद घोष। मना रहें हम सब आज़ादी, सहर्ष उल्लास,अप्रतिम जोश। दे कुर्बानी भगत,सतगुरु सुभाष बोस ने किया स्वतंत्र उद्घोष। लहरा स्वच्छंद उन्मुक्त तिरंगा गगन में,पाया आत्संतोष। अग्निगाथा है तुम्हारी सब देशभग्तों की वीरता हुंकारी। शिव तांडव सा नृत्य करती,युद्ध नाद गांडीव टंकारी। जय विजय की ऊर्जस्वित ऊष्मा […]

भारत की शान है

उत्तर की चौकसी जो करे सावधान है। रक्षा करे जो देश की तो इक जवान है।। वो आसमाँ से बात करे सीना तान कर। ऊँचा खड़ा हुआ है हिमालय महान है।। आँधी हो या तूफ़ान वो डरता नहीं कभी। बेख़ौफ़ जो खड़ा है तिरंगे की शान है।। मंगोल चीन भी न कभी पार पा सके। […]

शहीद

छुट्टी पर घर आने का वादा करके वो सरहद पर जाता है। क्या गुजरती है उसकी माँ पर जब तिरंगे मे लिपटा हुआ वो घर आता है। जिस आँगन मे वो बचपन मे माँ की गोद में सोता है। आज उसकी खामोशी देख आंगन का पत्थर भी रोता है। अभी कुछ दिन पहले मांग सजी […]

आज फिर छेड़ता हूँ शाश्वत तान वही

आज फिर छेड़ता हूँ शाश्वत तान वही, सुख-समृद्धि,धर्म,ज्ञान और विज्ञान वही, सिंधु के जिजीविषा का सम्मान वही, हिमालय के अविरल शरीर में प्राण वही, हिन्द महासागर की लहरों का अभिमान वही, खेत-खलिहानों में लहलहाता भगवान वही, बुद्ध,महावीर,गाँधी से रत्नों का खान वही, जालियाँवाला और चम्पारण का बलिदान वही, लबों पे बसा गीता और कुरआन वही, […]

” वतन के लिए “

👌👌👌👌👌👌👌👌 ” वतन के लिए ” सिर अपना कटवा देंगे, पर गाय नही हम कटने देंगे, गर्मी जब तक लहू में है , हम गौ कसी नही होने देंगे। नही सुधरे वो पत्थर वाज , उनकी ईंट से ईंट बजा देंगे, कसम हमें है भारत माँ की, उन्हें दुनियां से ही मिटा देंगें। न जाने […]

हमारा ख़ून जब मांगेगी धरती

हमारा ख़ून जब मांगेगी धरती दिखेंगे आपको हम सब से आगे हमारे जिस्म में सांसे हैं जब तक रखेंगे अपना परचम सब से आगे राज़िक़ अंसारी :

अमर कथा

इक अमर कथा बलिदानों कि हम तुम से कहते हैं कर याद जिसे नयन नीर बहते है पावन सुखद समय सुहाया था दिन वैसॉखी का आया था मेला लगा था बागों मे थे मस्त मगन हो नॉच रहे अपने अपनो को खुशियॉ बॉट रहे इक अमर कथा…… धरती ने अपनी काया पे प्रेम प्रसून बिछाया […]

चुनावी दौर और हमारा व्यवहार

चुनावी दौर आ गया, जो “राम और रहमान” रोज एक साथ हँसते बोलते रहे थे और रहेंगे, वो चुनावी मौसम में एक दूसरे के विरोध में आग उगलने शुरू कर दिए है….. अब दोनो आपस मे क्या हो गए है,बस इसी कठवी हक़ीक़त को शब्दों में ढालने की कोशिश की है….. मैं न एक इंसा […]

आज़ादी के परवाने

भगत सिंह आजाद बोस आजादी के दीवाने थे बिरले दिलवाले वो तो वतन हिंद के रखवाले थे किए कुर्बान प्राण जब भारत से गयी ग़ुलामी है ये धरा है जन्नत सी शहीदों ने दी जहाँ सलामी है बाँटते मंदिर मस्जिद वो गद्दार मुल्क के होते हैं देख दशा आज वतन की शहीद आसमान में रोते […]

हिन्द के निवासी है फक्र करेंगे

हिन्द के निवासी हैं फख्र करेंगे देश के लिए जियेंगे मर मिटेंगे।। ये दौलत, जवानी कुर्बान करेंगे देश के लिए हम नग़मे लिखेंगे।। तिरंगे को शान से हाथो में थामेंगे सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्तां पढ़ेंगे।। ख़ाखे ज़माने से हम अब ये कहेंगे दुश्मन के सितम हरगिज़ ना सहेंगे।। हिन्द में पड़ी गलत निगाहों को […]

जय भारतीय – दोहे

वीरों की शहादत पर , राजनीति की चाल। कश्मीर को बना रखा ,रक्त पिशाचक लाल ।। अस्तीन सांप पालता , रखता झुकाय भाल। सत्ता कुर्सी जब तौलता , मरवा देता लाल ।। गद्दारो की कायरता , कुर्सी बचा कर पाल। सत्ता कुर्सी अब भूल जा,उतार उसका खाल ।। लातों के भूत रहते , मारो जूता […]

आजादी के दीवानें

इन मतवालों की हिम्मत को , देश भूलाना पायेगा ! जब जब होगा जिक्र जंग का, याद वो लम्हा आयेगा !! लहरायेगा जब भी तिरंगा, गीत यही बस गायेगें ! भगत सिंह. सुखदेव. गुरू की , यादों में मुस्करायेगें!! उम्र नही थी प्यारी जिनको , थी प्यारी बस आजादी ! अंग्रेजों को दिख रही थी […]