Category Archives: देशभक्ति – वतनपरस्ती

बहुत फर्क है तुम में मुझमें

  मैं धीर प्रकृति का पर्वत सा तुम टुकड़ो जैसे इतराते हो मैं गहरा सा एक समंदर हूँ तुम एक नदिया से बलखाते हो *बहुत फर्क है तुम में मुझमें* मैं चोट नहीं पहुंचाता हूँ पर तुम गोली बरसाते हो नादान समझ मैं चुप रहता तुम फिर भी आँख दिखाते हो **बहुत फर्क है तुम […]

“वीर जाँबाज़ ज़ुदा है सबसे”…

°°° हिंद के सर-ज़मीं के वीर जाँबाज़ ज़ुदा है सबसे । वतन पे मिटने वालों का अंदाज़ ज़ुदा है सबसे ।। . न अपने तन की फिकर और न ही करे धन की फिकर , अपने लहू से सींचकर सिर्फ़ करते वतन की फिकर । ज़ोश-ए-ज़ुनून का अद्भुत आग़ाज़ ज़ुदा है सबसे , वतन पे […]

कुटनीति…..

कुटनीति में कमजोर क्यों अमेरिका का जोर क्यों चीन उसका हाथियार है युद्ध के लिये तैयार है….. माना पाक मिट जायेगा हाथ फिर भी कुछ नहीं आयेगा हमारी छोटी सी गलती से विश्व युद्ध हो जायेगा……… कुटनीति से काम लो राज का नहीं नाम लो हल फिर भी निकल सकता है अगर सब दिल से […]

शहीदो को श्रद्धांजलि …..

ना जाने कब तक बहेंगी नदीयाँ खून की कब तक जलेंगी चितायें देश के सपूत की असर नहीं कोई सर्जिकल स्ट्राईक का कहां गई वो सब बातें जुनून की क्यों नहीं दी जाती ताकत अपनी सेना को क्यों हमें ही देनी पड़ती कुर्बानी अपने खून की @urmil59# चित्कला

हमारा वतन

ये वतन है हमारा वतन। हम सभी हैं इसी के सुमन। आंच इस पर ना आये कभी मुस्कुराता रहे ये चमन। जान इस पर लुटा देंगे हम है वतन के लिए जानों तन। सब से ऊंचा तिरंगा रहे चूमता ही रहे ये गगन। ये दुआ आज करती हूं मैं। हर तरफ हो अमन‌ ही अमन। […]

वतन

वतन बलिदान त्याग ग़र शहीद न करते, तो हम होतेआज़ाद नहीं। सतत प्रयास अब तक आज़ादी, सुन सच में हम आज़ाद नहीं। जटिल पुरातन या हो नूतन,तजना कुरीति कोई पाप नहीं। उठो युवा तुम बदलो सितारे,किस्मत बदलती आप नहीं। तकनीकी की इस नव पीढ़ी में, करुणा हमें जगानी होगी मलिन सरिता को पावन करके, गंगा […]

बोस की ललकार

निर्बलों को सबलता का गीत मैं सुनाता हूँ रास्ते के पत्थरों से रास्ता भी बनाता हूँ संचित हुई अंतर शक्ति से शब्द संजोकर सुप्त पड़ी चेतना को फिर से जगाता हूँ गुलामी में जीना तो है मृत्यु स्वाभिमान की स्वंतंत्र सोच ही प्रथम निशानी है इन्सान की स्वतन्त्र सोच से ही आजादी का स्वपन सजेगा […]

महाराणा प्रताप को शत शत नमन

मेवाड़ की हवा भी करे सदा जिसका वन्दन उस वीर महाराणा प्रताप को शत शत नमन नमन उनके संस्कार को, और शस्त्र ज्ञान को नमन धर्म रक्षा को और उनके स्वाभिमान को धैर्य का पहाड़ कहूँ या कहूँ उन्हें महान दानवीर रोज रोज कहाँ पैदा होते है जग में ऐसे शूरवीर हृदय में उनके काव्य […]

रावण कैसे मारोेगे

कूड़ा करकट जमा कर लिया , फिर पुतले बनवाएँगे । नए जमाने के रावण से , फिर रावण जलवाएँगे ।। कब तक कुत्तों बालाओं की गोलाई को ताड़ोगे । रावण खुद के अंदर है , तुम रावण कैसे मारोगे ।।१।। गली मोहल्ले चौबारों में , जय श्री राम की बोलोगे । किसी के घर की […]

खामोशी जब इंकलाब होगी

हर खामोशी जब इंकलाब बनेगी और हर जुर्म का जवाब बनेगी तब क्रांति का फिर से आगाज होगा भ्रष्टाचार का बेहतर इलाज होगा अगर कोई बच्चा भूखा सोएगा फिर कोई भगत सिंह बनके अपने खेतों में बन्दूकें बोएगा और ये बन्दूक कलम का रूप होगी जाड़े की ठण्ड में गरीब की धूप होगी तीव्र शब्दों […]

खतरे में है यंगिस्तान

*देखो यह है हिंदुस्तान* देखो यह है हिंदुस्तान खतरे में है यंगिस्तान क्षणिक-क्षणिक सी पीड़ाओं पर दे देते हैं यह तो जान देखो यह है हिंदुस्तान ।। आज युवाओं के सर चढ़कर भूत लोभ का बोल रहा आधुनिकता के चोले में है अंग-अंग को खोल रहा रिश्तो के पानी में देखो स्वार्थ- जहर को घोल […]

केसरिया लहराता है

खून से सींची धरती पर अपना आधार बनाता है। बहती हवा में भारत वर्ष की गौरव गाथा गाता है। आसमान के सीने पे बेधड़क सूरज सी चमक दिखाता है त्याग, बलिदान का प्रतीक बनके केसरिया लहराता है। केसरिया ने हर रण देखा है। मोक्ष का अंतिम क्षण देखा है। धर्म का जै जैकार सुना है। […]

वतन हमारी आबरू वतन हमारी शान है

वतन हमारी आबरू वतन हमारी शान है। त्याग और तपभूमि ,भारत सीप समान है। धन्य झांसी की तलवार दुश्मन झट शमशान है। धन्य गुरु गोबिन्द थे, सर्वसव किया कुर्बान है। इन्कलाब के नारों से गूँजा हुआ आसमान है। आजादी के परवानों का हर गली निशान है। आजादी में बहा लहू ,धरती दुल्हन समान है। जो […]

कफन की ख़ाक

हमको अज़ीज़ ऐसे है अपने वतन की ख़ाक जैसे अज़ीज़ होती है गुल को चमन की ख़ाक मीठी ज़बां में अमन-ओ-सुकूँ का पयाम दे सारे जहां से अच्छी है गंग-ओ-जमन की ख़ाक सोए हैं जो शहीद तिरंगे को ओढ़ कर है ख़ुशनसीब कितनी ही उस पैरहन की ख़ाक ख़ुशबू मिलेगी एक सी हो रंग-ए-गुल कोई […]

कोटि कोटि नमन वंदन देश,

सबसे बढ़कर देश मेरा, तिरंगा परचम,उर लहर उमंग स्वतंत्रता दिवस, पावन सुदिन सब रंगे बसंती रंग। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 है कोटि कोटि नमन वंदन देश,पूजन अर्चन अभिनन्दन देश। विश्व गुरु भारत सर्वश्रेष्ठ है विजय तिलक का चंदन देश। अद्वितीय अनूप अतुल्य है “सर्व धर्म हिताय” का समावेश। गाय-वसुधा को, हम कहते माँ भाई चारे का देते संदेश। है कोटि […]

सहर्ष वंदम अपराजेय अजय,

अहा! आनंदम आनंदम, सहर्ष वंदम अपराजेय अजय, जाग्रत अखंड भारत तीन रंगों में चमक रहा चमचम। राष्ट्र प्रेम और देश भक्ति का हो रहा उद्घोष ऊर्जस्वित, सबसे ऊपर विश्व शिखर पर लहरा रहा हमारा परचम। आज भारत मना रहा है उल्लास पूर्व स्वतंत्रता दिवस । नहीं अधीन अब हम किसी के हैं फिर भी हम […]

अग्निगाथा

शत शत नमन हे ध्वज तिरंगे, किया जो स्वतंत्रनाद घोष। मना रहें हम सब आज़ादी, सहर्ष उल्लास,अप्रतिम जोश। दे कुर्बानी भगत,सतगुरु सुभाष बोस ने किया स्वतंत्र उद्घोष। लहरा स्वच्छंद उन्मुक्त तिरंगा गगन में,पाया आत्संतोष। अग्निगाथा है तुम्हारी सब देशभग्तों की वीरता हुंकारी। शिव तांडव सा नृत्य करती,युद्ध नाद गांडीव टंकारी। जय विजय की ऊर्जस्वित ऊष्मा […]

भारत की शान है

उत्तर की चौकसी जो करे सावधान है। रक्षा करे जो देश की तो इक जवान है।। वो आसमाँ से बात करे सीना तान कर। ऊँचा खड़ा हुआ है हिमालय महान है।। आँधी हो या तूफ़ान वो डरता नहीं कभी। बेख़ौफ़ जो खड़ा है तिरंगे की शान है।। मंगोल चीन भी न कभी पार पा सके। […]

शहीद

छुट्टी पर घर आने का वादा करके वो सरहद पर जाता है। क्या गुजरती है उसकी माँ पर जब तिरंगे मे लिपटा हुआ वो घर आता है। जिस आँगन मे वो बचपन मे माँ की गोद में सोता है। आज उसकी खामोशी देख आंगन का पत्थर भी रोता है। अभी कुछ दिन पहले मांग सजी […]

आज फिर छेड़ता हूँ शाश्वत तान वही

आज फिर छेड़ता हूँ शाश्वत तान वही, सुख-समृद्धि,धर्म,ज्ञान और विज्ञान वही, सिंधु के जिजीविषा का सम्मान वही, हिमालय के अविरल शरीर में प्राण वही, हिन्द महासागर की लहरों का अभिमान वही, खेत-खलिहानों में लहलहाता भगवान वही, बुद्ध,महावीर,गाँधी से रत्नों का खान वही, जालियाँवाला और चम्पारण का बलिदान वही, लबों पे बसा गीता और कुरआन वही, […]