Category Archives: बाल कविता

चले घूमने हम चिड़ियाघर

चले घूमने हम चिड़ियाघर लगे देखने हम तो जलचर वन्यजीव  रहते  हैं  खूब देखे हमने कितने थलचर बच्चो  ने  देखी चिंपैंजी बोले मुह से  है ये खूब हिरनी,भालू और लोमड़ी शेर ,बाघ,तेंदुआ, रहते खूब भालू को देखके बच्चे भी झूमे नाच नचा के मज़ा आया खूब बच्चो ने देख लिया चिड़ियाघर सैर- सपाटा,सबने किया खूब […]

ट्रैफिक लाइट

ट्रैफिक लाइट और ये भीड़ बंद होती लाइट खड़ी भीड़ हरी देख कर भगी ये भीड़ भीड़ ये आदमियों,औरतों बच्चो और उन बूढो की जिनका रहता हरदम काम कभी न करते जो आराम थकती नही ये लाइट भी संयम से करती ये काम राही को देती ये आराम -आकिब जावेद

मुख्य द्वार तीज से

मंद मंद गति से शीतल पवन मुस्करा रहा है नील गगन बरखा की बौछार है! सब त्यौहार की जननी बच्चों, ये तीज त्यौहार है!! फूल शाख पर खिल रहे! सभी झूला झूल रहे! बच्चों में है नयी उमंग, आई तीज खुशियों के संग! सावन मास की बहार है! प्यारा तीज त्यौहार है!! पेड़ पौधे भी […]

आई बरख़ा रानी ….

नन्हीं नन्हीं बुंदिया आई संग में अपने मस्ती लाई चुन्नु मुन्नी दौड़े आये उजला सा एक छाता लाये पानी बरसा टप टप टप खूब नहाये छप छप छप मम्मी मम्मी बाहर आओ कागज़ की एक नाव बनाओ आई बरख़ा रानी है हमको नाव चलानी है –राजश्री–

नन्हे -मुन्ने

नन्हे-मुन्हे प्यारे प्यारे हैं ज़मीं के चाँद सितारे रखते नहीं ये मन में मैल होता नहीं किसी से बैर पल में रूठें पल में मानें केवल प्यार को ये पहचानें बैर भाव से न इनको तोल जीवन इनका है अनमोल —राजश्री—

मैं भारत माँ का लाल हूँ !

मैं भारत माँ का लाल हूँ , दुशमन का मैं काल हूँ ! लड़ते कुछ धर्म जाति पे, उनसे पूछता सवाल हूँ ! अतुलनीय भारत पे मैं , ह्रदय से यूं निहाल हूँ ! रहे खुशहाल मेरा भारत, इसका मैं रक्षक गोपाल हूँ ! सरहद पे सैनिक लड़ते, देखता उनका कमाल हूँ ! हर और […]

बड़े बावरे हिन्दी के मुहावरे

  हिंदी के मुहावरे, बड़े ही बावरे है, खाने पीने की चीजों से भरे है… कहीं पर फल है तो कहीं आटा-दालें है, कहीं पर मिठाई है, कहीं पर मसाले है , फलों की ही बात ले लो… आम के आम और गुठलियों के भी दाम मिलते हैं, कभी अंगूर खट्टे हैं, कभी खरबूजे, खरबूजे […]

झगड़ा कभी न करना

चुन्नु मुन्नु हैं दोनो भाई दोनों करते बहुत पढ़ाई एक दिन चाकलेट के लिए दोनों में हो गई लड़ाई चुन्नु बोला मैं खाऊँगा मुन्नु बोला मैं खाऊँगा झगड़ा सुन कर मम्मी आई प्यार से एक बात बताई आधा तू ले चुन्नु बेटा आधा तू ले मुन्नु बेटा ऐसा झगड़ा कभी न करना प्यार से तुम […]

मोटू हाथी

मोटू हाथी एक दिन निकला करने सैर मिंटू बंदर हंसकर बोला अब तो हो गई दोपहर हाथी को तब गुस्सा आया मिंटू देख उसे घबराया और उछल कर खुद ही बोला भाग ले मिंटू बेटा वरना नही है तेरी खैर

कच्ची माटी

नई ऋतु ,नया जीवन नई- नई सी आशाएं अभी छाव में हो तुम बालक , नई तुम्हारी इच्छाये। जीवन में अब तक तुमने , दर्द की ‘धुप’ कहाँ अनुभव की है ? अभी कहाँ इन ,’तृष्णाओंने’, सोच तुम्हारी, परखी है। अभी बरसती तुम पर ममता , कहाँ सही तूने गर्मी ! नही तपे तुम, अभी […]

प्यारी तितली

नन्ही तितली रंग विरंगे, पंख लगा के आई हैं। कई रंगो को साथ मे लेकर, बता कहाॅ से आई है।। रस लेने फूलो का आई, बसंत साथ में लाई है। इधर बैठती उधर बैठती, सब के मन को भाई है।। कभी नही तुम इन्हे मारना, इनके भी बेटे भाई है। कौशल की भी बात सुनो, […]