Category Archives: बाल कहानी

समृद्धि का रहस्य

समृद्धि का रहस्य —————— – डॉ. रंजना वर्मा बहुत समय पहले की बात है सूर्य नगर नाम का एक राज्य था जिसके राजा का नाम सूर्य प्रताप था । राजा सूर्य प्रताप में उसके नाम के समान कोई भी गुण न था । वह अत्यंत क्रोधी तथा आलसी स्वभाव का था । उसके चारों और […]

डर गया डर

डर गया डर —————- – डॉ. रंजना वर्मा रोहन पिता का इकलौता बेटा था । उसकी मां का स्वर्गवास तभी हो गया था जब वह मात्र छः माह का शिशु था । उसके पिता एक कपड़े की मिल में काम करते थे । नन्हे रोहन को उन्होंने बड़े कष्ट से पाला था । वह उसकी […]

अनाथ

अनाथ ———- – डॉ. रंजना वर्मा रामू अनाथ था । पता नहीं कब और कौन उसे लाकर नई कॉलोनी की गलियों में छोड़ गया था । उसे अपने बचपन की कोई स्मृति नहीं थी । जब से उसने होश सँभाला था स्वयं को नई कॉलोनी की सड़कों और गलियों में भटकता पाया था । वह […]

मक्कार कोयल

मक्कार कोयल ————— – डॉ. रंजना वर्मा एक थी कोयल । रंग से इतनी काली कि बस कौवे की छोटी बहन लगती । किंतु कहाँ गंदगी के ढेर पर बैठने और चोंच मारने वाला कौवा और कहाँ आम तथा अन्य रसीले फलों के वृक्षों पर फुदकने वाली कोयल । दोनों के आचरण में अत्यधिक भिन्नता […]

चन्दर

चन्दर ——— बात बहुत पुरानी है । तब मगध देश में नंद वंश के राजा घनानंद का राज्य था । वह बहुत विलासी था । हमेशा वह अपने ऐशो-आराम में ही डूबा रहता था । प्रजा के दुख सुख की वह कभी परवाह नहीं करता था और प्रजा पर तरह तरह के अत्याचार किया करता […]

अंडा चोर

अंडा चोर ————- उस दिन भी चुनचुन चिड़िया के अंडे गायब हो गये । वह बेचारी ची ची करती , रोती-बिलखती इस डाल से उस डाल पर फुदकती सारा पेड़ सिर पर उठाए थी । सैकड़ों साल पुराने उस शीशम के पेड़ पर जैसे तूफान आया हुआ था । इससे पहले भी कई चिड़ियों के […]

दो की लड़ाई

दो की लड़ाई —————— – डॉ. रंजना वर्मा बहुत दिन पहले की बात है । नर्मदा नदी के किनारे मल्लाहों की एक बस्ती थी । उस बस्ती में एक मछुआ और एक मछुई रहते थे । मछुआ बहुत सीधा और परिश्रमी था । मछुई कामचोर और झगड़ालू थी । मछुआ रोज सवेरे उठकर जाल लेकर […]